Image

स्वतंत्रता दिवस 🇮🇳 : १५ अगस्त २०१९

स्वतंत्रता दिवस

Advertisements
श्रीहरी के चरण

श्रीहरी के चरण

शरीरं स्वरूपं नवीनं कलत्रं,

धनं मेरुतुल्यं यशश्चारु चित्रम् |

हरेरङ्घ्रिपद्मे मनश्चेन्न लग्नं,

तत: किम् तत: किम् तत: किम् तत: किम् ||

भावार्थ :-

शरीर चाहे कितना भी सुन्दर हो ,

धर्मपत्नी चाहे कितनी भी मनमोहिनी हो,

धन चाहे कितना भी सुमेरु पर्वत की भांति असीम हो

और सारे संसार में चाहे कितनी ही नाम-प्रतिष्ठा-यश-कीर्ति क्यूं न हो चुकी हो।

परन्तु,

जब तक इस जीवन के दाता भगवान श्रीहरि के चरण कमलों में मन नहीं लगा …

तब तक क्या प्राप्त किया?

क्या पाया?

क्या पाया?

अर्थात् भगवत्भक्ति के अभाव में समस्त उपलब्धियां व्यर्थ हैं,

निरर्थक हैं।

तत : किम,

तत : किम ???

Only rain can save Chennai

Only rain can save Chennai

“Only rain can save Chennai from this situation.” A well completely empty, and a city without water.

The southern Indian city of Chennai is in crisis, after the four main water reservoirs ran completely dry.

The acute water shortage has forced the city to scramble for urgent solutions and residents have to stand in line for hours to get water from government tanks.

As the water levels depleted, hotels and restaurants started to shut down temporarily, and the air con was turned off in the city’s metro.

Officials in the city continue to try and find alternative sources of water – but the community continue to pray for rain.

(Source- BBC News)

Chat

বিধান চন্দ্র রায় – The doctor behind Doctor’s Day

বিধান চন্দ্র রায়

Dr.Bidhan Chandra Roy

  • Birth: 01 July 1882.
  • Completed M.R.C.P and F.R.C.S and return back from London in 1911, after he was rejected admission in medical college for 30 times for being an Asian.
  • Entered into Politics in 1925.
  • Attended to Gandhiji during Quit India Movement in 1933, when he refuses to take medicine that was not made in India.
  • Was conferred Doctorate of Science in 1944.
  • Was Honored with Bharat Ratna in 1961.
  • Death: 01 July 1962.
आचार्य सुश्रुत – Father of Surgery

आचार्य सुश्रुत – Father of Surgery

आचार्य सुश्रुतजी प्राचीन भारत के वैद्य थे ।

आचार्य सुश्रुतजी शल्यतंत्र (surgery) के उद्गाता माने जाते है।

आधुनिक वैद्यक शास्त्र में आचार्य सुश्रुतजी Father Of Surgery के नाम से जाने जाते है।

रॉयल ऑस्ट्रेलियन कॉलेज ऑफ सर्जन्स (मेलबर्न) में उनकी मूर्ति स्थापित है।

आचार्य सुश्रुतजी ने ६वी सदी में “सुश्रुत संहिता” ग्रंथ की रचना की है।

सुश्रुत संहिता में आचार्य सुश्रुतजी ने कुल ११२० वैद्यकीय परिस्थितीओं का वर्णन किया है और ४०० से अधिक सर्जरी (शल्य चिकित्सा) के विधियों का वर्णन किया है।

आचार्य सुश्रुतजी ने १२१ शल्य उपकरणों का उल्लेख किया है।

हमें आचार्य सुश्रुतजी जैसे वैद्य प्राप्त हुए है इसलीये हमें हमारे भारतीय होने पर गर्व होनां चाहिए।

सभी डॉक्टरो को नॅशनल डॉक्टर डे की हार्दिक शुभकामनाऐ।

#HappyDoctorsDay